Saturday, 14 November 2015

Right Way of talking ,बात चीत का सही तरीका

बात चीत का सही तरीका

 आप किसी के बारे में अगर सबसे ज्यादा जानना चाहें तो सिर्फ दो मिनट उससे बात करिये और उसका जीवन कैसा है , वह सुखी है , अमीर है या सफल है , आप सब कुछ जान  सकते हैं।  बात चीत का सही तरीका न केवल आपको सम्मान दिला सकता है बल्कि आप को कुछ भी बना सकता है।

जब आप दो लोग आपस में बात कर रहे हों और कोई तीसरा आ कर आप की बात सुनने  लगे  या बीच में बोलने लगे तो कैसा लगता है ? या सवाल आप किसी से पूछें और जवाब कोई और दे , या कोई जबरदस्ती अपनी राय आप के ऊपर मढ़ने लगे, या आपकी बात पर ध्यान न दे और आपकी बात पूरी होने के पहले ही अपनी बात शुरू कर दे , तो कैसा लगता है ? बिलकुल अच्छा नहीं लगता है , आप ही नहीं किसी को भी अच्छा नहीं लगता है।
यह तरीका जीवन के व्यवहारिक पक्ष में कितना घातक हो सकता है ? इसका एक सत्य उदहारण मै  देना चाहूँगा।  मेरे एक रिश्तेदार हैं , मै उनका नाम पब्लिकली तो नहीं ले सकता , आप कुछ भी अपने से मान लीजिये। उनके माता जी का देहान्त हुआ तो , न तो कोई रिश्तेदार आया , न उनके मुहल्ले का कोई व्यक्ति लाश उठाने को तैयार हुआ , वह शाम तक रिश्तेदारों का इन्तजार करते रहे और जब कोई नहीं आया तो शाम को  डेड बॉडी टेम्पो पर लाद कर घाट पर ले गए।

ऐसा क्यों हुआ ? जरा उनके बारे में जान लीजिये।  वह ट्रेन में हों , बस में हों , घर में हों , रिश्तेदारी में हों या  कहीं भी हों , उनके सामने किसी टॉपिक पर , कोई भी व्यक्ति , कोई चर्चा कर दे , तो उसको वे अपने लिए एक चैलेंज मान लेते हैं और उस पर तब तक बहस करते रहेंगे , जब तक सामने वाले को उठने या भागने पर मजबूर न कर दें , या उसे हरा न दें।  पर आप जानते हैं उनके इन आदतों की वजह से हम सब उन से बातचीत में घबराने लगे , उनसे दूर होने  लगे।   वे अगर मोबाइल पर फ़ोन करते हैं तो मेरी पत्नी या बच्चे उनका  फ़ोन नहीं उठाते , क्यों कि वे हर बात में से बात निकल कर बहस करने लगेंगे ।  मै उठाता हूँ तो , जैसे ही वह बातचीत  लम्बा करने  की कोशिश करते हैं , मुझे कहना पड़ जाता है कि , भइया मुझे कुछ जरूरी काम है , कुछ जरूरी बात पहले कर लीजिये और मै बरी हो  लेता हूँ।
इसी तरह मै ही नहीं सब को बुरा लगा और वह इतनी बुरी स्थिति में आ गए , लेकिन आप क्या समझते हैं कि  उन्हें कभी ये लगा कि वे कुछ गलत कर रहे हैं , नहीं उनके अनुसार लोग बुरे हैं।
अगर आप चाहते हैं कि  लोग आपको पसंद करें तो बातचीत में यह सावधानियां अवश्य रखें -
१ - जब दो लोग कोई आपसी बात कर रहे हों तो शामिल होने की कोशिश न करें।
२  - किसी की बातचीत चुपके से न सुनें।
३ - आप तब तक अपनी राय न दें जब तक आपसे मांगी न जाय।
४ - सामने वाले की बात सुनें और समाप्त होने पर ही अपनी बात शुरू करें।
५ - हर बात में दखलन्दाजी न करें।
६ - किसी और से पूछे गए सवाल का जवाब आप न दें। 

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