Saturday, 21 November 2015

How to grow mental powers , कैसे करें अपनी ताकतों का विस्तार ?


 MENTAL POWER , GROW YOUR MENTAL POWER
मै एक दिन मनकापुर जा रहा था , मै कई सालों से उसी रोड से जा रहा हूँ , उसी दुकान के बगल से जाता हूँ , वह दुकान बंद ही रहती है। उस दिन भी वह दुकान बंद थी ,  पर उस दुकान को देख कर जाने क्यों उस  दिन अचानक से तिवारी की याद आ जाती है। तिवारी से मेरा कभी कुछ लेना देना नहीं था , हाँ  मेरे एक मित्र ने उस से फर्नीचर बनवा कर ट्रक से मुंबई भेजा था , उन्ही के साथ मै तिवारी के दुकान पर एक दो बार गया था , पर पिछले कई सालों से वह दुकान बंद कर के कहीं बाहर चला गया था।
दो दिन बाद जब मै  उधर से निकल रहा था तो अचानक मुझे तिवारी दिख गया।  गाड़ी पर बैठे बैठे मैं सोचने लगा , अभी तक मुझे तिवारी की याद क्यों नहीं आई थी ? ये कैसा कनेक्शन है ?
ऐसा ही होता है , कई बार ऐसा होता है , आप के जीवन में भी इस तरह की घटनाएँ जरूर हुई होंगी।  मै  इन चीजों  पर ज्यादा ध्यान देता हूँ इस लिए कुछ उदहारण देता हूँ - जब मै बाहर होता हूँ तो , कई बार एक ही समय पर ,  मै पत्नी को , और मेरी पत्नी मुझ को फ़ोन कर रही होती है , घर पहुँचने वाला होता हूँ तभी अचानक से खाने के बारे में सोचता हूँ , और घर पर वही बना होता है जो थोड़ी देर पहले मै  सोच रहा था। जिस दिन मै  सोचूँगा , कि मै कितने दिनों से बीमार नहीं हुआ ? शाम तक बीमार  हो जाता हूँ। कहते हैं जब आप किसी के ज्यादा नजदीक हो जाओ तो कुछ दिन बाद दोनों की सोच , पहनावा , चाल चलन एक जैसी हो जाती है।
यह कुछ नहीं , कुछ ताकतें हैं जो परमात्मा ने हम सब को बिना भेद भाव के दिए हैं। कुछ लोगों ने इन ताकतों पर ध्यान दिया , और उनका संवर्धन किया। आप ही नहीं सृष्टि के हर जीव की अपनी विशेषता है , सब के पास कुछ न कुछ अलग तरह की  ताकत है। आप की इन्द्रियाँ , आप का मस्तिष्क एक ताकत है।
आप कभी फुर्सत में हों तो आँख बंद कर लीजिये और प्रकृति के स्वाभाव को पहचनिये। एक चीज हर समय और लगातार हो रहा है , वह है सृजन , यानि  ताकतों का विस्तार।  पेड़ पौधे , पशु पक्षी सब किसी न किसी तरह अपनी ताकतों का विस्तार ही कर रहे हैं , पुनरुत्पादन भी  अपनी ताकतों का विस्तार है। जो जैसे कर सकता है कर रहा है।  जब आप दूरवीन बनाते हैं ,टीवी बनाते हैं  तो वह आपकी आँखों का विस्तार है , इसी तरह मोबाइल , रेडियो , स्टेथोस्कोप कानो के विस्तार हैं , मोटर साइकिल , कार , हवाई जहाज पैरों के विस्तार हैं।  आपकी नाक भी एक ताकत है , आप बिना देखे , बिना छुए  जान सकते हैं किधर कौन सी चीजें रखी हैं ? आप अगर इसकी ताकत का विस्तार कर लें तो बहुत दूर तक के चीजों के बारे में आप कहीं से भी जान सकते हैं।
इसी तरह जब हम अपने मन की ताकतों का विस्तार कर लेते हैं तो , बहुत से आश्चर्य जनक काम करने लग जाते हैं।
कैसे करें अपनी ताकतों का विस्तार  ?  मन की ताकतों का विस्तार हो सके इस के लिए जरूरी है कि आपका मन शांत हो , आप अंतर्मुखी हों।  प्रति दिन कम से कम एक घंटा अपनी शांति के लिए निकालें। आँख बंद कर लें और अंतरशून्य हो जाने दें , कुछ दिन के अभ्यास के बाद आपको स्वयं में परिवर्तन महसूस होने लगेगा। नाक की शक्तियों का विस्तार करने के लिए कुछ विशेष गंध को पहले नजदीक से सूंघ कर जान लेँ और फिर दूरी बढ़ा बढ़ा  कर उसे सूंघ कर खोजने का प्रयत्न करें। 

No comments:

Post a Comment